भारत की सांस्कृतिक विविधता में घुमंतू समाज एक अनमोल रत्न की तरह है, जो अपनी अनूठी जीवनशैली और परंपराओं के साथ देश की सामाजिक-आर्थिक संरचना का अभिन्न हिस्सा रहा है। लेकिन, आश्चर्यजनक रूप से यह समाज, दशकों से अपनी खानाबदोश प्रकृति के कारण मुख्यधारा से कटा हुआ है और आज भी मूलभूत सुविधाओं व अधिकारों से वंचित है। शिक्षा, स्वास्थ्य,...
Continue reading...Indian society
सरकारें घुमंतू समाज को ओबीसी का दर्जा देकर करें मुख्यधारा में जोड़ने की पहल
भारतीय संस्कृति और सभ्यता की असली ताकत इसकी विविधिता में बसती है। लेकिन, यही विविधिता कई बार कुछ समुदायों को हाशिए पर धकेलने का कारक बन जाती है। देश के घुमंतू समाज की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। यह समाज दशकों से उपेक्षा और असमानता का शिकार रहा है। जन्मजात अपराधी की दृष्टि से देखे गए या यूँ कहें,...
Continue reading...विविधता की शक्ति या एकता का माध्यम- हिंदी
Power of diversity or medium of unity- Hindi.
Continue reading...मोदी जी की हुँकार.. मध्य प्रदेश में चाहिए सिर्फ ‘भाजपा सरकार’
Modi ji’s roar… only ‘BJP government’ is needed in Madhya Pradesh
Continue reading...सीखकर उपकार भूलने की भूल और मन में गुरु बनने का गुरुर
The mistake of forgetting the gratitude after learning and the pride of becoming a teacher in the mind.
Continue reading...विष्णु, शिव और पार्वती जैसे व्यक्तित्व ही कॉर्पोरेट के पूरक
Only personalities like Vishnu, Shiva and Parvati complement the corporate
Continue reading...