शब्दों में शक्ति तभी होगी, जब सोच में गहराई होगी.. 

बालकनी में चाय और किताब के साथ विचारमग्न भारतीय लेखक

“एक लेखक की सबसे बड़ी पूँजी उसकी सोच होती है। शब्द तो केवल उस सोच का माध्यम होते हैं।”  एक शाम मैं अपनी बालकनी में सुकून से बैठा था। बड़े दिनों बाद ऐसा मौका मिला था, जब हाथ में एक बढ़िया किताब और पास में गर्मागर्म चाय थी। लेखक ने किताब में अपनी विचारधारा को कुछ इस तरह पिरोया था...

Continue reading...

भाग्यशाली मैं….

मोबाइल पर लगातार व्हाट्सऐप फॉरवर्ड देखते हुए मुस्कुराता हुआ भारतीय व्यक्ति

आजकल जीवन जीने का ढंग किसी राजा महाराजा जैसा हो गया है। जब से स्मार्ट फोन लिया है एक अलग ही अनुभूति होती है। सुबह उठते ही न जाने कितने गुड मॉर्निंग और सुप्रभात के मैसेज राह देखते हैं, जैसे मेरी प्रभात के शुभ हुए बिना तो मेरे मित्रों का दिन ही नहीं निकलेगा। फिर इतनी इज्जत पाकर जो अनुभूति...

Continue reading...

और सब बढ़िया…..!

मुस्कुराता हुआ भारतीय व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच दिखाते हुए

सुख और दुःख, हमारे जीवन के दो पहिए हैं, दोनों की धुरी पर ही जीवन की गाड़ी चलती है। जीवन में जितना सुख आता है, उतना ही दुःख भी आता है। फिर भी हम सुख का स्वागत तो खुले दिल से करते हैं, लेकिन दुःख का नहीं….। जबकि हम भी जानते हैं कि जीवन में यदि सुख है, तो दुःख...

Continue reading...

आप ही हैं अपने मददगार

अकेला व्यक्ति सूर्योदय के समय पहाड़ी पर खड़ा आत्मविश्वास के साथ आगे देखता हुआ

खुद में वह बदलाव लाएँ, जिसकी अपेक्षा आप दूसरों से कर रहे हैं….  जीवन एक ऐसी अनोखी पाठशाला है, जहाँ हर दिन कुछ नया सीखने का अवसर मिलता है। यह पाठशाला एक आम पाठशाला की तरह ही समय-समय पर परीक्षाएँ लेती है। और तो और आपकी मेहनत के अनुसार ही आपको अच्छे या बुरे परिणाम देती है। एक सामान्य पाठशाला...

Continue reading...

अनोखा इलाज..

मोबाइल पर यूट्यूब देखते हुए पेट पकड़कर बैठा व्यक्ति

एक दिन पेट में दर्द-सा हुआ। उस दिन घर में कोई था नहीं और मुझे दवाइयाँ मिली नहीं और बाहर जाकर लाने की मेरी हिम्मत नहीं थी। सोचा कोई घरेलु नुस्खा ही अपनाया जाए। लेकिन क्या..? मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं। तभी मन में ख्याल आया कि क्यों न यूट्यूब से ही कोई नुस्खा निकाला जाए। जैसे ही यूट्यूब पर...

Continue reading...

जो टूटते हैं, उनमें ही तो कला होती है फिर से जुड़ जाने की

एक विचारशील व्यक्ति श्मशान के किनारे खड़ा, जीवन की अनमोलता और मृत्यु की अनिवार्यता को समझते हुए।

सर्दियों की एक ठंडी शाम थी। हवा में धूप का स्वाद घुला हुआ था, और पेड़ों की छाँव किसी बूढ़े संत की तरह स्थिर बैठी थी। समय जैसे चल नहीं रहा था, बस रुक गया था उस पल में, उस मौन में, जिसे कोई देख तो नहीं सकता, लेकिन महसूस जरूर कर सकता है। मैं पार्क के एक कोने में...

Continue reading...

आदत आदत की बात है

सुबह दौड़ लगाता एक भारतीय सैनिक और छाया में बदलता विद्रोही चेहरा

अच्छी आदतों से ‘शक्ति’ का जन्म होता है और बुरी आदतों से ‘बर्बादी’ का आदत.. यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक शक्ति है, जो इंसान को ऊँचाइयों तक ले जा भी सकती है और उसे बर्बादी के गहरे गर्त में धकेल भी सकती है। सच तो यह है कि आदतें ही हमें इंसान बनाती हैं, और आदतें ही हमें...

Continue reading...

मन के हारे हार है, मन के जीते जीत

सूखे खेत में खड़ा मेहनती किसान आसमान की ओर देखता हुआ

एक किसान की कहानी है। सूखे की वजह से बार-बार उसकी फसल नष्ट हो जाती थी। गाँव के लोग अक्सर उसे ताने दिया करते थे.. तू खेती करता है, इसलिए ही तेरे खेत में बार-बार सूखा पड़ता है। तू खेती छोड़ दे, भगवान तुझे नहीं देख रहा.. कई साल वही ताने सुनते-सुनते गुज़र गए.. हर साल वह बुआई करता.. खूब...

Continue reading...

मैंने उसे बचाया या उसने मुझे..

सड़क किनारे भूखे और असहाय बुज़ुर्ग की मदद करता युवक, रात के समय हल्की रोशनी में

रात के तकरीबन साढ़े दस बजे होंगे। मैं ऑफिस से लौट रहा था। दिनभर की थकान के बाद बस घर पहुँचकर चैन से बैठने की इच्छा थी। ठंडी हवा चल रही थी, सड़कें खाली हो रही थीं, और लैंप पोस्ट की रोशनी में झींगुरों की हल्की-हल्की आवाज़ सुनाई दे रही थी। तभी मैंने सड़क के किनारे एक व्यक्ति को बेबस...

Continue reading...

बरकत का ताबीज..

गरीब परिवार का बच्चा भूख से रोता हुआ, माँ उसके पास सहानुभूति दिखाती है, रात में घर का अंधेरा

रात में गाँव में सन्नाटा पसरा हुआ था, सभी लोग सुबह होने तक नींद की यात्रा करने निकल पड़े थे.. लेकिन आखिरी छोर पर बने एक छोटे-से घर में भूख की कराहटें गूँज रही थीं। चूल्हा ठंडा पड़ा था, बर्तन खाली थे और एक माँ अपने बच्चे को थप-थपाकर सुलाने की नाकाम कोशिश कर रही थी। बच्चा धीरे से बोला-...

Continue reading...