अनोखा इलाज..

मोबाइल पर यूट्यूब देखते हुए पेट पकड़कर बैठा व्यक्ति

एक दिन पेट में दर्द-सा हुआ। उस दिन घर में कोई था नहीं और मुझे दवाइयाँ मिली नहीं और बाहर जाकर लाने की मेरी हिम्मत नहीं थी। सोचा कोई घरेलु नुस्खा ही अपनाया जाए। लेकिन क्या..? मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं। तभी मन में ख्याल आया कि क्यों न यूट्यूब से ही कोई नुस्खा निकाला जाए। जैसे ही यूट्यूब पर...

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जो टूटते हैं, उनमें ही तो कला होती है फिर से जुड़ जाने की

एक विचारशील व्यक्ति श्मशान के किनारे खड़ा, जीवन की अनमोलता और मृत्यु की अनिवार्यता को समझते हुए।

सर्दियों की एक ठंडी शाम थी। हवा में धूप का स्वाद घुला हुआ था, और पेड़ों की छाँव किसी बूढ़े संत की तरह स्थिर बैठी थी। समय जैसे चल नहीं रहा था, बस रुक गया था उस पल में, उस मौन में, जिसे कोई देख तो नहीं सकता, लेकिन महसूस जरूर कर सकता है। मैं पार्क के एक कोने में...

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आदत आदत की बात है

सुबह दौड़ लगाता एक भारतीय सैनिक और छाया में बदलता विद्रोही चेहरा

अच्छी आदतों से ‘शक्ति’ का जन्म होता है और बुरी आदतों से ‘बर्बादी’ का आदत.. यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक शक्ति है, जो इंसान को ऊँचाइयों तक ले जा भी सकती है और उसे बर्बादी के गहरे गर्त में धकेल भी सकती है। सच तो यह है कि आदतें ही हमें इंसान बनाती हैं, और आदतें ही हमें...

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मन के हारे हार है, मन के जीते जीत

सूखे खेत में खड़ा मेहनती किसान आसमान की ओर देखता हुआ

एक किसान की कहानी है। सूखे की वजह से बार-बार उसकी फसल नष्ट हो जाती थी। गाँव के लोग अक्सर उसे ताने दिया करते थे.. तू खेती करता है, इसलिए ही तेरे खेत में बार-बार सूखा पड़ता है। तू खेती छोड़ दे, भगवान तुझे नहीं देख रहा.. कई साल वही ताने सुनते-सुनते गुज़र गए.. हर साल वह बुआई करता.. खूब...

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मैंने उसे बचाया या उसने मुझे..

सड़क किनारे भूखे और असहाय बुज़ुर्ग की मदद करता युवक, रात के समय हल्की रोशनी में

रात के तकरीबन साढ़े दस बजे होंगे। मैं ऑफिस से लौट रहा था। दिनभर की थकान के बाद बस घर पहुँचकर चैन से बैठने की इच्छा थी। ठंडी हवा चल रही थी, सड़कें खाली हो रही थीं, और लैंप पोस्ट की रोशनी में झींगुरों की हल्की-हल्की आवाज़ सुनाई दे रही थी। तभी मैंने सड़क के किनारे एक व्यक्ति को बेबस...

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बरकत का ताबीज..

गरीब परिवार का बच्चा भूख से रोता हुआ, माँ उसके पास सहानुभूति दिखाती है, रात में घर का अंधेरा

रात में गाँव में सन्नाटा पसरा हुआ था, सभी लोग सुबह होने तक नींद की यात्रा करने निकल पड़े थे.. लेकिन आखिरी छोर पर बने एक छोटे-से घर में भूख की कराहटें गूँज रही थीं। चूल्हा ठंडा पड़ा था, बर्तन खाली थे और एक माँ अपने बच्चे को थप-थपाकर सुलाने की नाकाम कोशिश कर रही थी। बच्चा धीरे से बोला-...

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फेल होना भी है जरुरी….

दबाव और असफलता के बीच संघर्ष करता बच्चा, जीवन की सीख लेता हुआ

हर चीज की शुरुआत बचपन से ही होती है। बचपन में सीखी सीख आपको भविष्य के लिए तैयार करती है। इसमें जितना योगदान घर से मिले संस्कारों का होता है, उतना ही स्कूली जीवन में मिली सीख का भी होता है। स्कूल से मिली सीख केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देती है, बल्कि व्यक्ति को जिंदगी की कसौटी के लिए...

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क्वालीफाईड होने में पीछे रह गई एजुकेशन

डिग्री होने के बावजूद वास्तविक कौशल से वंचित, उलझन में भारतीय छात्र

. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने कहा था, “शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं है, बल्कि इसे समाज के हित में उपयोग करना चाहिए।” लेकिन, समय के साथ यह धारणा धुँधली होती जा रही है। हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं, जहाँ डॉ डिग्री को योग्यता का प्रमाण माना जाता है, लेकिन उस डिग्री के पीछे...

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गलत सीख देती किताबों का जिम्मेदार कौन?

गलत जानकारी वाली किताब पढ़ता भारतीय छात्र

कहते हैं किताबें हमारे जीवन की सबसे अच्छी साथी होती हैं। जब भी हमें उनकी आवश्यकता होती है, वे हमारे लिए उपलब्ध होती हैं। किताबें हमारे आसपास की दुनिया को समझने, सही और गलत के बीच निर्णय लेने में हमारी मदद करती हैं। वे हमारे आदर्श, मार्गदर्शक या सर्वकालिक शिक्षक के रूप में भी हमारे जीवन में शामिल होती हैं।...

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जीवन के बोझ तले, कैसे पनपेंगे ये नौनिहाल??

ढाबे पर काम करता गरीब भारतीय बच्चा जो स्कूल जाने की उम्र में श्रम कर रहा है

अक्सर बीच-बाजार में या रास्तों में, चाय की टपरी या होटलों में हमें कुछ बच्चे नजर आते हैं। इनकी आँखें सितारों जैसी होती हैं, लेकिन उन आँखों की चमक को जीवन की कड़वी वास्तविकता ने धुँधला कर दिया है। यह कोई किताबी बातें नहीं, बल्कि गरीबी में पैदा हुए अनगिनत बच्चों का रोज़मर्रा का सच है। हर दिन उनके लिए...

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