भारतीय राजनीति में अनुभव और आयु का कुछ ऐसा समन्वय देखने को मिलता है, जहाँ राजनीतिक कद या प्रभाव केवल चुनावी सफलताओं तक सीमित नहीं रहता बल्कि समय और उम्र के साथ धीरे-धीरे गढ़ा जाता है। दशकों के अथक और जटिल संघर्ष के बाद एक नेता वरिष्ठ नेता की श्रेणी में आता है। भारतीय लोकतंत्र के समृद्ध और प्रेरणादायक सफर...
Continue reading...Uncategorized
क्या 2047 तक भारत सच में विश्वगुरु बन पाएगा?
जब भारत 2047 में स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे करेगा, तब वह केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव नहीं मना रहा होगा, बल्कि अपने अब तक के राजनीतिक, सामाजिक और वैचारिक सफर का गंभीर आत्म-मूल्यांकन भी कर रहा होगा। यह पड़ताल सिर्फ यह नहीं देखेगी कि देश ने कितनी आर्थिक तरक्की की, कितनी सड़कें बनीं या कितनी गगनचुंबी इमारतें खड़ी...
Continue reading...क्लाइमेट चेंज और ग्रीन राजनीति की नई रणनीति
भारतीय राजनीति में चुनावी मुद्दे समय के साथ बदलते रहे हैं। कभी विकास, कभी महँगाई, कभी रोजगार तो कभी सुरक्षा जैसे मुद्दे राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में रहे हैं। लेकिन, अब राजनीति एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहाँ पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे केवल वैश्विक बहस तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि सीधे आम नागरिक के जीवन,...
Continue reading...किसने बनाए हैं ‘जूठन’ और ‘उतरन’ जैसे शब्द?
लम्बे समय की सेविंग के बाद पिछले महीने ही अपने लिए इतना महँगा शर्ट खरीदा था, इतनी जल्दी यह मुझे छोटा होने लगा है, एक काम करता हूँ किसी को दे देता हूँ.. आज फिर माँ ने टिफिन में दो रोटी ज्यादा रख दी, यह फिर फेंकने में जाएगी, किसी को दे देता हूँ.. यह जो हमारे द्वारा अपने कपड़ों...
Continue reading...समर वेकेशंस, स्टूडेंट्स के लर्निंग एक्सपीरियंस में बाधक
समर वेकेशंस, स्टूडेंट्स के लर्निंग एक्सपीरियंस में बाधक
Continue reading...