जीवन की आपाधापी में खुद के लिए चंद मिनटों की मोहलत बमुश्किल ही मिली.. एक तरफ दुनियादारी का शौक और दूसरी तरफ जिम्मेदारियों का बोझ, ये दोनों किसी गाड़ी के पहिए के से मेरे जीवन में साथ-साथ ही चले, न ही एक आगे और न ही एक पीछे, बिल्कुल साथ-साथ.. शिकायक करूँ भी तो किससे, सिवाए खुद के? इसलिए शिकायत...
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फिर एक धमाका और तहस नहस हुईं कई ज़िंदगियाँ
Again an explosion and many lives were destroyed.
Continue reading...वक्त की रफ्तार ने आगे बढ़ाया या पीछे धकेल दिया हमें..
The pace of time has taken us forward or pushed us back.
Continue reading...विष्णु, शिव और पार्वती जैसे व्यक्तित्व ही कॉर्पोरेट के पूरक
Only personalities like Vishnu, Shiva and Parvati complement the corporate
Continue reading...‘डर्टी पॉलिटिक्स’ के खेल में बुरे फँसे भारतीय युवा
Indian youth trapped in the game of ‘dirty politics’
Continue reading...नीतीश का राजनीतिक चरित्र समझना उन्हें पलटीमार बताने जितना आसान नहीं
कुछ ही महीने पहले बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में 9वीं बार शपथ लेने वाले नीतीश कुमार, राजधानी पटना में 18 विपक्षी दलों के साथ बीजेपी के खिलाफ पहली बैठक की मेजबानी कर रहे थे। आगामी लोकसभा चुनावों से पूर्व यह पहला मौका था, जब बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी के लिए एक संगठित विपक्ष की चुनौती तैयार हो रही...
Continue reading...मुद्दा नजरिए का है, गलत वो भी नहीं, गलत हम भी नहीं..
“यह छह है, अरे नहीं, नहीं यह नौ है.. अरे भई! साफ दिखाई दे रहा है यह छह है.. नहीं, यह नौ है, तुम मेरी जगह पर आकर देखो..” इस दुनिया में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पास अपना मस्तिष्क है, तो स्वाभाविक-सी बात है कि हर एक व्यक्ति एक अलग सोच और स्वतंत्र विचार भी रखता है। इस बात...
Continue reading...वो बातें, जो भगवान श्री कृष्ण से पीआर प्रोफेशनल्स को जरूर सीखना चाहिए
पब्लिक रिलेशन्स (पीआर) की दुनिया लगातार विकसित हो रही है। इस विकास के साथ ही साथ अपने क्षेत्र विशेष की जटिलताओं से निपटने के लिए प्रोफेशनल्स को न सिर्फ लगातार प्रेरणा, बल्कि सार्थक मार्गदर्शन की भी जरुरत होती है। गहन ज्ञान और शाश्वत शिक्षाओं का एक ऐसा ही सटीक स्रोत प्राचीन भारतीय महाकाव्य, भगवद्गीता से मिलता है। इस महाकाव्य में...
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