2026

तोड़ देगी भारत को गरीबी एक दिन

भारत में गरीबी से जूझते ग्रामीण और शहरी लोग, आर्थिक असमानता और विकास की वास्तविक तस्वीर

विभिन्न देशों की स्थिति-परिस्थिति यानि आर्थिक स्थिति को देखते हुए, उन्हें दो हिस्सों में विभाजित किया जाता है: एक विकसित और एक विकासशील। निम्न और मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं को आमतौर पर विकासशील देश कहा जाता है, वहीं, उच्च मध्यम आय और उच्च आय वाली अर्थव्यवस्थाओं को विकसित देश कहा जाता है। यह तो हुआ किताबी ज्ञान। मेरे मायने इस...

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भ्रष्टाचार और पेपर लीक की आग की लपटों में झुलसते छात्र

परीक्षा घोटाले के बाद तनाव और निराशा में डूबे छात्र, शिक्षा प्रणाली के संकट को दर्शाता दृश्य

भारत की शिक्षा प्रणाली एक भयानक तूफान के चपेट में आ बैठी है। एक ऐसा तूफान, जो धूल-मिट्टी के रूप में अपने साथ भ्रष्टाचार और पेपर लीक का बवंडर साथ लिए चल रहा है। एक ऐसा तूफान, जो अनगिनत छात्रों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को निगलता ही चला जा रहा है। इन तमाम सुर्खियों और जाँचों के पीछे एक गहरी...

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आधी रात में केक काटने का चलन: उत्सव या दिखावा?

भारत में आधी रात को केक काटने की आधुनिक परंपरा और पारंपरिक जन्मदिन उत्सव का विरोधाभास

कुछ दिनों पहले ही मेरा जन्मदिन बीता, रात के 12 बजते ही अचानक से फोन बज उठा। जन्मदिन की बधाई देने के लिए परिचितों के मैसेज की जैसे कतार-सी लग गई, ऐसा लग रहा था मानों रात के 12 बजे का समय एकदम से विशेष बन गया हो। घर में भी हर कोई जाग रहा था, मेरी बिटिया हाथ में...

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आजकल की शादियाँ दिखावा..? 

भारत में भव्य और खर्चीली शादियों के बढ़ते दिखावे और सामाजिक दबाव को दर्शाता दृश्य

देव उठने के साथ ही शादियों का सीज़न शुरू हो चुका है। इस सीज़न में जीवन की नई शुरुआत करने वाले नव दंपतियों को मेरी ओर से ढेर सारी शुभकामनाएँ…। आने वाले कुछ महीनों तक शहनाइयों की गूँज और शादियों की चमक-दमक बनी रहेगी। आप में से भी ऐसे कई लोग होंगे, जिनके घर शादी के न्यौते आ चुके होंगे...

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