गृह मंत्रालय द्वारा 2018 में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2018 में हिरासत में 1,845 कैदी मौत के घाट उतर गए, जो पिछले 20 वर्षों में भारतीय जेलों में हुई सबसे अधिक मौतें हैं, जबकि जेलों की औसत ऑक्यूपेंसी 117.6% थी। निस्संदेह, भारत में जेलों की स्थिति पिछले कुछ वर्षों में भीड़भाड़, कर्मचारियों की अनुपलब्धता और धन के...
Continue reading...Atul Malikram
“परिवर्तन ही संसार का नियम है”, भूल चले हैं इस कहावत को हम..
हर दिन आगे बढ़ने के साथ-साथ पीछे छूट जाती हैं कई बातें, कई कहावतें, और महज़ कहानियाँ बनकर रह जाते हैं वो तमाम मुहावरें, जो हमारे बड़े-बुजुर्ग कह गए हैं। “परिवर्तन ही संसार का नियम है….” कभी तो यह एक दिन में कई बार कही जाने वाली कहावत थी, और आज हम इसका अर्थ ही भूल चले हैं। अब तो...
Continue reading...35 टुकड़ों वाले प्यार में अगला नंबर किसका? #35_टुकड़ोंवालाप्यार
एक और प्रेम कहानी का अंत, ऐसा अंत जिसके दर्द की चीखें सदियों तक गूँजती रहेंगी और रूह कँपा देंगी हर उस शख्स की, जो प्रेम की इस बेतरतीब परिभाषा को जानेगा। प्रेम श्रद्धा और आफताब का। गए वो ज़माने लैला-मजनू और हीर-रांझा के, जो एक-दूजे के लिए अपनी जान दे गए। अब माहौल खौफनाक है, अब प्यार के लिए...
Continue reading...कैदियों की भावनाओं को हर दिन ठेस; आखिर कब तक?
भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक है। सिर्फ नाम के लिए ही नहीं, बल्कि भारत का संविधान अपने नागरिकों को स्वतंत्र चुनाव, कई पार्टियों वाला पार्लियामेंट सिस्टम, स्वतंत्र प्रेस और एक स्वतंत्र न्यायपालिका प्रदान करता है, जो समाज को एक जीवंत समाज बनाने में मदद करता है। मानवाधिकारों की गाथा गाते इस देश में एक नागरिक को...
Continue reading...देखो, मैंने एक सपना देखा..
आज सुबह जब नींद खुली, तो कुछ मिनटों तक दहशत में रहा, पसीने से तर-बतर हो चुका था। आतंकवाद की दहशत मानो सपने से हकीकत का रूप ले चुकी हो। एक देश के आतंकी हमले ने दूसरे को तहस-नहस कर दिया। हर तरफ लाशों के ढेर बिछाने और खून के कतरे से देश की धरती को रंगने में आतंकियों को...
Continue reading...विश्वास, खुद पर…..
सियासी गद्दी का बोलबाला कुछ ऐसा है कि किसी के लिए तो यह मखमल की सी पेश होती है, वहीं किसी के लिए काँटों की सेज बनकर बिछ जाया करती है। भारत देश पर तकरीबन 70 साल राज करने वाली कांग्रेस पार्टी ने अपनी सत्ता के दौरान देश के लिए कई कार्य किए। लेकिन राहुल गाँधी कहीं न कहीं पूर्वजों...
Continue reading...कार्डियोवैस्कुलर अटैक, आतंकवाद से भी ज्यादा खतरनाक..
Cardiovascular attack is more dangerous than terrorism.
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