गठबंधन राजनीति

तो क्या नीतीश कुमार होंगे देश के अगले राष्ट्रपति?

2027 राष्ट्रपति चुनाव में नीतीश कुमार की संभावित दावेदारी और राष्ट्रीय राजनीति

भारतीय राजनीति का इतिहास गवाह है कि यहाँ सत्ता के शीर्ष पर होने वाली नियुक्तियाँ केवल योग्यता का पैमाना नहीं होतीं, बल्कि वे भविष्य के दशकों की राजनीति तय करने वाले सुनियोजित समीकरण होते हैं। वर्ष 2027 में वर्तमान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का कार्यकाल पूर्ण होने जा रहा है। जैसे-जैसे यह समय निकट आ रहा है, दिल्ली के सियासी...

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भारतीय राजनीति में पुनरुत्थान की रणनीति के सात सूत्र

चुनावी हार के बाद राजनीतिक दल की वापसी और पुनरुत्थान की रणनीति को दर्शाता दृश्य

भारतीय लोकतंत्र में कोई भी हार अंतिम नहीं होती। यहाँ जनता किसी दल को हमेशा के लिए खारिज नहीं करती, बल्कि समय-समय पर उसे आईना दिखाती है। इतिहास गवाह है कि जो दल इस आईने में खुद को ईमानदारी से देख लेता है, वही दोबारा सत्ता के शिखर तक पहुँचता है। कांग्रेस की 1980 की वापसी हो, तृणमूल कांग्रेस का...

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सन् 1977 से 2026 तक, 50 वर्षों में कैसे बदली भारत की राजनीतिक विचारधारा

1977 से 2026 तक भारतीय राजनीति की विचारधारा

जून 1975 में जब इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू किया, तो उन्होंने अनजाने में भारतीय लोकतंत्र की उस नई नींव की आधारशिला रख दी थी, जिसे आने वाले पाँच दशकों की राजनीति को परिभाषित करना था। 1977 का चुनाव महज एक मतदान नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों की बहाली का जनादेश था, जिसने मोरारजी देसाई के रूप में देश को पहला...

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वर्ष 2026 के बाद किस दिशा में जाएगा भारतीय लोकतंत्र का भविष्य

2026 के बाद भारतीय लोकतंत्र की बदलती दिशा को दर्शाती तस्वीर

भारतीय लोकतंत्र आज एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है, जहाँ से भविष्य की राहें पहले से कहीं अधिक जटिल और रोमांचक नजर आ रही हैं। वर्ष 2026 केवल कैलेंडर का एक नया पन्ना नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक राजनीतिक परिवर्तन की दहलीज है, जो आने वाले दशकों के लिए भारत की लोकतांत्रिक दिशा निर्धारित करेगा। वर्ष 2014 के...

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1977 से 2026 तक भारत की राजनीति कैसे बदली

1977 से 2026 तक भारत की राजनीतिक विचारधारा में बदलाव दर्शाती तस्वीर

जून 1975 में जब इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू किया, तो उन्होंने अनजाने में भारतीय लोकतंत्र की उस नई नींव की आधारशिला रख दी थी, जिसे आने वाले पाँच दशकों की राजनीति को परिभाषित करना था। 1977 का चुनाव महज एक मतदान नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों की बहाली का जनादेश था, जिसने मोरारजी देसाई के रूप में देश को पहला...

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