भारतीय लोकतंत्र की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि यहाँ नेतृत्व की ऊँचाई कभी सेंटीमीटर या फीट में नहीं नापी जाती, बल्कि यह जनता के विश्वास की गहराई और दूरदर्शी फैसलों की स्पष्टता से तय होती है। आज सोशल मीडिया के दौर में जहाँ नेता की मंचीय उपस्थिति, बॉडी लैंग्वेज और शारीरिक हाइट को बहुत महत्व दिया जाता है, वहाँ...
Continue reading...राजनीतिक नेतृत्व
भारतीय राजनीति में पुनरुत्थान की रणनीति के सात सूत्र
भारतीय लोकतंत्र में कोई भी हार अंतिम नहीं होती। यहाँ जनता किसी दल को हमेशा के लिए खारिज नहीं करती, बल्कि समय-समय पर उसे आईना दिखाती है। इतिहास गवाह है कि जो दल इस आईने में खुद को ईमानदारी से देख लेता है, वही दोबारा सत्ता के शिखर तक पहुँचता है। कांग्रेस की 1980 की वापसी हो, तृणमूल कांग्रेस का...
Continue reading...छोटे कद के बड़े नेताओं ने कैसे रचा इतिहास
भारतीय लोकतंत्र की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि यहाँ नेतृत्व की ऊँचाई कभी सेंटीमीटर या फीट में नहीं नापी जाती, बल्कि यह जनता के विश्वास की गहराई और दूरदर्शी फैसलों की स्पष्टता से तय होती है। आज सोशल मीडिया के दौर में जहाँ नेता की मंचीय उपस्थिति, बॉडी लैंग्वेज और शारीरिक हाइट को बहुत महत्व दिया जाता है, वहाँ...
Continue reading...