भारतीय राजनीति के इतिहास में कुछ दशक ऐसे रहे हैं, जिन्होंने आने वाली सदियों की दिशा तय की है। 1990 का दशक भी ऐसा ही एक प्रस्थान बिंदु था। यदि हमें समकालीन भारत की सामाजिक और राजनीतिक बुनावट को समझना है, तो हमें दो शब्दों की गहराई में उतरना होगा, मंडल और कमंडल। यह केवल दो विचारधाराओं का टकराव नहीं...
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सन् 1977 से 2026 तक, 50 वर्षों में कैसे बदली भारत की राजनीतिक विचारधारा
जून 1975 में जब इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू किया, तो उन्होंने अनजाने में भारतीय लोकतंत्र की उस नई नींव की आधारशिला रख दी थी, जिसे आने वाले पाँच दशकों की राजनीति को परिभाषित करना था। 1977 का चुनाव महज एक मतदान नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों की बहाली का जनादेश था, जिसने मोरारजी देसाई के रूप में देश को पहला...
Continue reading...मंडल बनाम कमंडल: भारतीय राजनीति का निर्णायक दौर
भारतीय राजनीति के इतिहास में कुछ दशक ऐसे रहे हैं, जिन्होंने आने वाली सदियों की दिशा तय की है। 1990 का दशक भी ऐसा ही एक प्रस्थान बिंदु था। यदि हमें समकालीन भारत की सामाजिक और राजनीतिक बुनावट को समझना है, तो हमें दो शब्दों की गहराई में उतरना होगा, मंडल और कमंडल। यह केवल दो विचारधाराओं का टकराव नहीं...
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