भारतीय राजनीति में 2004 से 2014 का दशक एक ऐसा विरोधाभासी और जटिल अध्याय है, जिसका मूल्यांकन एकतरफा नहीं किया जा सकता। एक राजनीतिक रणनीतिकार के चश्मे से देखने पर महसूस होता है कि यह वह ऐतिहासिक दौर था, जब भारत ने इतिहास की सबसे तेज आर्थिक विकास दर दर्ज की और अभूतपूर्व लोक-कल्याणकारी सामाजिक सुधारों की नींव रखी, लेकिन...
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यूपीए का दशक: मनमोहन की मौन सरकार और उपलब्धियों-विवादों की कहानी
भारतीय राजनीति में 2004 से 2014 का दशक एक ऐसा विरोधाभासी और जटिल अध्याय है, जिसका मूल्यांकन एकतरफा नहीं किया जा सकता। एक राजनीतिक रणनीतिकार के चश्मे से देखने पर महसूस होता है कि यह वह ऐतिहासिक दौर था, जब भारत ने इतिहास की सबसे तेज आर्थिक विकास दर दर्ज की और अभूतपूर्व लोक-कल्याणकारी सामाजिक सुधारों की नींव रखी, लेकिन...
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