बुंदेलखंड.. यह केवल एक नाम या क्षेत्र नहीं है, यह शौर्य और स्वाभिमान की वह धरती है, जिसने रानी लक्ष्मीबाई जैसे वीरों को जन्म दिया। लेकिन, आज जब हम इस माटी की ओर देखते हैं, तो समझ आता है कि वर्तमान में इस वीर धरा की सबसे बड़ी त्रासदी कोई युद्ध नहीं, बल्कि वह खामोश ‘पलायन’ है, जो हमारे गाँवों...
Continue reading...ग्रामीण विकास
बुंदेलखंड की बदहाली को बदलने का दस सूत्रीय रोडमैप
बुंदेलखंड की धरती, जो कभी अपनी वीरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्व विख्यात थी, आज गरीबी, बेरोजगारी और पलायन के अभिशाप से कराह रही है। यहाँ के गाँवों में फैली भुखमरी और अभाव की स्थिति किसी से छिपी नहीं है, लेकिन सत्ता के गलियारों में बैठी सरकार शायद इस चीख को सुनने में असमर्थ है। नीति आयोग का बहुआयामी...
Continue reading...क्लाइमेट चेंज और ग्रीन राजनीति की नई रणनीति
भारतीय राजनीति में चुनावी मुद्दे समय के साथ बदलते रहे हैं। कभी विकास, कभी महँगाई, कभी रोजगार तो कभी सुरक्षा जैसे मुद्दे राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में रहे हैं। लेकिन, अब राजनीति एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहाँ पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे केवल वैश्विक बहस तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि सीधे आम नागरिक के जीवन,...
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