15 नवंबर, 2000 को भारत के 28वें राज्य के रूप में झारखंड का उदय महज़ एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि सदियों पुराने आदिवासी संघर्ष और अस्मिता नई जान मिलने जैसा था। तत्कालीन बिहार के 18 जिलों को काटकर बने इस खनिज समृद्ध राज्य ने अपने अब तक के सफर में कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव देखे हैं। बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा से...
Continue reading...शिबू सोरेन
कैसे झारखंड की राजनीति की धुरी बना सोरेन परिवार
15 नवंबर, 2000 को भारत के 28वें राज्य के रूप में झारखंड का उदय महज़ एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि सदियों पुराने आदिवासी संघर्ष और अस्मिता नई जान मिलने जैसा था। तत्कालीन बिहार के 18 जिलों को काटकर बने इस खनिज समृद्ध राज्य ने अपने अब तक के सफर में कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव देखे हैं। बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा से...
Continue reading...